पर्रिकर और सेना के अफ़सर बदले की रणनीति में लगे।मोदी ने म्यांमार जैसे हमले के लिए सही समय पूछा।
कल रात हाई लेवल मीटिंग हुई जिसकी समीक्षा के बाद भरतिया सेना चीफ़ दलवीर सुहाग और मनोहर पर्रिकर उरी के लिए रवाना हो गए। हमले में शहीद हुए सभी 20 जवानों के बलिदान को सर्वोच्च बताते हुए पर्रिकर ने कहा उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और बदला लिया जाएगा
पर्रिकर हमले में घायल हुए सैनिकों से मिलने पहुँचे और उन्होंने निर्देश दिए हैं की घायलों को सर्वोत्तम उपचार मिले।
इससे पहले पर्रिकर ने हमले के बाद परिस्थितियों की समीक्षा की। उनके साथ सेना के कई उच्च अफ़सर शामिल थे। बताया जा रहा है की एक के बाद एक सीक्रेट मीटिंग्स की जा रही हैं जिसमें बदले की रणनीति। तय्यार की जा रही है और ते बदला अचानक होगा। रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी ने इस मीटिंग की समीक्षा ली और पूछा है कि यदि भारत हमला करता है तो उसका उचित समय क्या होगा और साथ ही क्या म्यांमार जैसा हमला घुसकर किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स की मानें तो सत्तारूढ़ सरकार पर काफ़ी दबाव है और इस बार अपनी साख घर में ही बचाने के लिए भारतीय सरकार सख़्त क़दम उठा सकती है।
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