घाटी में मोदी के निर्देशों का पालन- सेना अब ग़द्दारों को आत्मसमर्पण का मौक़ा भी नहीं दे रही।
आतंकी बुरहान वानी के सेना द्वारा मार गिराए हुए 2 महीने से अधिक हो चुके हैं परंतु कश्मीर घाटी में फैली हिंसा रुकने का नाम ही नहीं ले रही है । बात चीत के कई दौर हुए । गृह मंत्री ने कश्मीर का कई बार दौरा किया , एक बार तो सर्व दलीय पक्ष की अगुवाई भी की , परंतु अलगाववादियों और सेना के बीच छिड़ी ये जंग है की रुक ही नहीं रही । परंतु अब मोदी सरकार ने इसे रोकने के लिए एक बहुत बड़ा निर्देश दे दिया है ।
अब गृह मंत्री राजनाथ सिंह जी ने बिलकुल कड़े निर्देश दे दिये हैं की सेना घाटी की स्थिति 7 दिन के अंदर सामान्य करे । उन लोगों से भी बेहद सख्ती से निपटे जो मासूम युवाओं को सेना के खिलाफ भड़का रहे हैं । गृह मंत्री ने कहा की जो दुकानें और वाणिज्य केंद्र कश्मीर में पिछले 2 महीनों से नहीं खुल पा रहे हैं उन्हे भी खोलने का सेना को प्रयास करना चाहिए ।
करीब 2 घंटे चली राष्ट्रिय सुरक्षा सलहकार अजित दोभाल के साथ बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने ये फैसला सुनाया । सरकार को ये भी खबर है की घाटी से लगभग 80 लड़के गायब हैं बुरहान की हत्या के बाद जो किसी आतंकी संगठन से भी जुड़ सकते हैं । इससे पहले रविवार के दिन ही एक और मुठभेड़ हुई जिसमे 2 पुलिस वाले शहीद हो गए ।
सेना ने भी निर्देश का पालन करते हुए कश्मीर में सख्ती शुरू कर दी है, 7 इस्लामिक आतंकियों को ढेर भी कर दिया गया है, सेना अब आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका भी नहीं दे रही
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