मोदी को वोट दिया है? इसे पढ़ने के बाद ख़ुद पर गर्व करेंगे आप फ़ौलाद चुना है आपने।

मंगलवार को कश्मीर के विषय पर चिंतित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखे उस समय नम हो गई,
जब पता चला कि उनकी भतीजी की मृत्यु हो गई है...
उनकी गोद में खेलने वाली नन्ही बच्ची भगवान के पास चली गयी...
आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी निकुंज बेन दिल की बीमारी लंबे समय से ग्रसित थी...
वो इस बीमारी से वर्षों से जूझ रही थीं... मंगलवार को अस्पताल में लंबी चिकित्सा के बाद डॉक्टरों ने निंकुज बेन को मृत घोषित कर दिया।
एक तरफ घर में भतीजी निकुंज बेन की मृत्यु का दुःख, दूसरी ओर कश्मीर की परिस्थितियों का गहन चिंतन...
परंतु दुःख की इन घड़ियों में भी प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी लाओस पहुंचे।
निकुंज बेन के पति कंप्यूटर की एक दुकान में मरम्मत का कार्य करते है हैं... निकुंज किराए के मकान में रहकर सिलाई कढाई करके अपने परिवार का पेट पालने में अपनी पति का सहयोग करती थी जबकि वो विश्व के सर्वाधिक शक्ति संपन्न प्रधानमन्त्री की सगी भतीजी थी...
हम नमन करते हैं ऐसे परिवार के सदस्यों को भी जिन्होने संबंधों की दीवार पर कभी स्वार्थ के चित्र नही टांगे...
किसी अन्य व्यक्ति में इतना सामर्थ्य है क्या..??
मोदी जी यदि चाहते तो अपनी भतीजी की समुचित चिकित्सा भारत के किसी भी बड़े अस्पताल में करवा सकते थे...
मगर खबरंडियों और सभी विरोधी पार्टियाँ मोदी जी के नाम सरकारी धन के दुरूपयोग का नया आरोप जड़ देते।
मोदी जी के रिश्तेदार यदि चाहते तो वो अपने रिश्ते के नाम मात्र से ही धन अर्जित कर अपने जीवन को सरल बना सकते थे...
धन्य है वो माता पिता जिसके गर्भ से मां भारती के ऐसे सपूतों ने जन्म लिया।
कुछ शर्म आये तो उन लोगों से मेरा प्रश्न है जो विरोधियों के पक्षधर है कि तुम्हारे किसी भी नेता क्या इतनी शक्ति और सहनशीलता है क्या ???
इन तमाम काग्रेसियों, बसपाईयों, सपाईयों, आपियों, वामपंथियों को तो शर्म कभी आयेगी नही...
मगर मेरा हृदय बहुत व्याकुल है...
बाकी के सभी नेताओं...
डूब मरो, यदि थोड़ी शर्म शेष है तो...
रुला दिया मोदी जी...
रुला दिया आपकी निष्ठा ने...
वर्तमान के "अपवाद" हो आप...
loading...