UN में मोदी की खुली चुनौती: बलूचों को आज़ादी दिलाऊँगा जिसके बन पड़े रोक लो।
नई दिल्ली। बलूचिस्तान का मुद्दा दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। 15 अगस्त पर पीएम मोदी ने लालकिले से बलूच को लेकर बड़ा बयान दिया था। जिसके बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई थी। पाक लगातार भारत पर इसे लेकर हमले कर रहा है। लेकिन अब भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत ने साफ किया है कि वह तब तक बलूचिस्तान का मुद्दा उठाना जारी रखेगा जब तक बलूच लोगों के बुनियादी अधिकारों का हनन और उनका दमन होता रहेगा।
बलूचिस्तान की आज़ादी का भारत करेगा समर्थन
बलूचिस्तान में जारी पाक के दमन को लेकर अभी तक पीएम नरेंद्र मोदी और भारतीय विदेश मंत्रालय ने जो बातें की है वह सिर्फ बानगी है। अभी तो भारत इस मुद्दे पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सिर्फ बेनकाब करेगा लेकिन इसके बावजूद उसकी आदतों में सुधार नहीं होता है तो बलूच की आजादी का भारत खुल कर समर्थन करने से भी नहीं हिचकेगा। यह मुद्दा अगले महीने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी उठाये जाने की संभावना है।
भारत ने बुधवार को ही यूएनएचआरसी की बैठक में कश्मीर में मानवाधिकार मुद्दे को उठाने पर पाकिस्तान को खूब लताड़ लगाई है। भारत ने यूएनसीएचआरसी के जम्मू व कश्मीर राज्य में प्रतिनिधि भेजने के प्रस्ताव को भी यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि भारतीय लोकत्रांतिक व्यवस्था में कश्मीर में चल रहे आंदोलन का समाधान निकालने की पूरी व्यवस्था है।
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