लोकतंत्र का क़त्ल!! पढ़िए और समझिए दिल्ली में आप का गन्दा खेल, कैसे फसाया OP Sharma को
31मार्च2016|दिल्ली, देश के प्रधानमंत्री पर हिटलरशाही का और लोकतंत्र के क़त्ल का आरोप लगाने वाले आम आदमी पार्टी के संयोजक अर्विंग केजरीवाल को शायद अपने गिरेवां में एक बार तो झांकना चाहिए। जी हाँ आज बेबाक होकर ये आर्टिकल लिखना पड़ रहा है क्यूंकि दिल्ली में जो कुछ घाट रहा है वो शर्मनाक है।
हम बात कर रहे हैं दिल्ली के विश्वास नगर से विधायक ओ पि शर्मा की बर्खास्तगी पर लटकती हुई तलवार के बारे में। हम देखते हैं की विरोध दर्ज करवाने के नाम पर कभी भाजपा के विधायकों को मार्शल के द्वारा बहार फिकवा दिए जाता है तो कभी उलटे सीधे आरोप लगाके बर्खास्त करने की कोशिश होती है।
आजकल आप सुन रहे हैं की ओ पि शर्मा ने आम आदमी पार्टी की विधायक अल्का लम्बा पर अभद्र टिपण्णी की है जिसके कारन उन्हें बर्खास्त किया जा सकता है लेकिन क्या आप उसके पीछे का असली कारन जानते हैं??
आइये मैं बताता हूँ आपको वो कारन,
25 नवंबर 2015 को सदन की कार्यवाही के दौरान विश्वास नगर के आसपास के रैन बसेरों के हालत के बारे में जब ओपी शर्मा ने बात करनी चाही तब अल्का लम्बा ने उन्हें टोकते हुए कहा की ''हम नशे का कारोबार करने वालों से बात नहीं करते'' जिसपर गुस्साए ओपी शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा ''हम भी रात में घूमने वाली महिलाओं से बात नहीं करते और बस इसी बात पर सदन में आप विधायकों ने शोर मच दिया ओपी शर्मा की बर्खास्तगी की मांग कर डाली।
बड़ा सवाल यहाँ ये है की शुरुआत जब अल्का लम्बा ने की तो सजा अकेले शर्मा को क्यों?? क्या एक महिला होने के नाते संविधान लम्बा को ये अधिकार देता है की वो एक विधायक को भरे सदन में नशे का कारोबारी बिना सबूतों के बोल दे? अगर बर्खास्तगी की तो बर्खास्त अल्का को भी होना चाहिए एक पुरुष विधायक की छवि एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के लिए??
बहरहाल शर्मा ने इसके खिलाफ अदालत का रुख करने का फैसला किआ है। उनका आरोप है बर्खास्तगी का फैसला लेने वाली कमिटी में सिर्फ आप विधायक हैं और वो क्या फैसला लेंगे ये तो सबको पता है।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार काबिज़ है पर इसका मतलब ये नहीं की अरविन्द केजरीवाल तानाशाही पर उतर आएं।
article by: Pranshu Tiwari
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