राष्ट्रवादी सोशल क्रांति का असर पढ़ें। कैसे बची हिंदू लड़की एक आतंकी के चंगुल में फ़सने से।
ख्याति कह रही है :- "बात 2010 की है, जब मैं BBA प्रथम वर्ष में थी.. मेरी मित्रता एक मुस्लिम युवक से हूई थी.. मेरे पिताजी जो की RSS के सदस्य थे को जब यह बात मालूम हुयी तो मुझे समझाया, मुस्लिमों के घिनौने लव जिहाद के बारे में बताया.. तब मैं SECULAR हुआ करती थी तब मैनें इन बातों पर ध्यान नहीं दिया..
.
कुछ दिनों बाद मैनें Facebook पर अपना अकाउँट बनाया, जहाँ पर Groups के माध्यम से राष्ट्रवादी मित्र जुड़ते गये.. एक दिन उस मुस्लिम युवक ने मुझे Propose किया, यह FB का ही असर था की मैनें उसे तुरंत मना कर दिया और बात करना बँद कर दी क्योंकि तब तक मैं FB पर राष्ट्रवादियों की Posts पढ़ पढ़कर अच्छे से समझ चुकी थी ..!!
.
सनसनीखेज खबर :- कल मेरी एक College की मित्र ने मुझे बताया की जिस मुस्लिम ने मुझे Propose किया था वो SIMI का सदस्य निकला और 4 दिन पहले पकड़ा गया..!!!! आज मैं यदि अपने जीवन में सफल हूँ तो उसका श्रेय मेरे पिताजी एवँ FB के राष्ट्रवादी मित्रों को जाता है.. मैनें आज यह रसगुल्ले इसी खुशी में बनाये हैं.." ..... (by-- Khyati)
.
-----------
.
.
हमें गर्व है कि ख्याति पहले से हमारी फ्रेन्डलिस्ट मैं मौजुद रही है, "लव-जिहाद-आतंक" हकीकतो से जागृत हुई है..
.
अन्यथा.. ढाका वाली "तरीषी" की तरह ये भी इस दुनिया में नहीं होती.. बच गई..
क्रेडीट फेसबुक राष्ट्रवादी मित्रो को अर्पण
loading...