जानें किन किन सरकारी योजनाएं के नाम से गांधी हटाया मोदी सरकार ने
अपने तीसरे बजट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर चल रही योजनाओं से उनका नाम हटाकर क्या सन्देश देना चाहती है मोदी सरकार ? सरकार ने कुछ सरकारी योजनाओं से गांधी नाम हटाकर उन योजनाओं में अपने किसी नेता का नाम भी नहीं जोड़कर उन योजनाओं को राजनीतिक नामों से दूर रखकर एक अच्छा सन्देश देने की कोशिश की है।
आइये जानते हैं किन किन योजनाओं का नाम बदला गया –
1. राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण अभियान योजना: यह योजना 1 अप्रैल से पंचायत सशक्तिकरण अभियान नाम से जानी जायेगी।
2. राजीव गाँधी नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसऐबिलिटीज़ का नाम अब होगानेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसऐबिलिटीज़.
3.राजीव गाँधी नेशनल फेलोशिप फॉर शिड्यूल्ड कास्ट्स का नाम अब होगानेशनल फेलोशिप फॉर शिड्यूल्ड कास्ट्स.
4. खेलों के प्रोत्साहन की योजना – राजीव गांधी खेल अभियान का नाम अब होगा खेलो इंडिया होगा। खेलो इंडिया, खेलों के प्रोत्साहन के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
5. शहरी कमज़ोर तबके के आवास के लिए ऋण मुहैया कराने वाली योजना, राजीव ऋण योजना का नाम अब ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ होगा।
6. ग्रामीण विद्युतीकरण की योजना के नाम से राजीव गांधी का नाम हटाकर दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर किया गया है, जो केंद्र सरकार की एक मुख्य योजना है।
कहते हैं नाम में क्या रखा है, लेकिन जिस तरह से पिछले 60 सालों के शासन में कांग्रेस ने हर योजना, जो गांधी नेहरू परिवार के नाम पर रखा उससे छुटकारा दिलाने के लिए यह कदम स्वागत योग्य है। सरकारी धन से अपने परिवार का प्रचार क्यों ? मोदी सरकार में लगभग सभी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री जन धन योजना, मुद्रा योजना, सुरक्षा बीमा, जीवन ज्योति आदि) के नाम प्रधानमन्त्री के नाम पर हैं, न कि किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर जो एक सराहनीय कदम है।
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