स्वामी का बड़ा बयान:‘पाकिस्तान से लड़ाई शुरू हो गई है बस घोषणा नहीं हो रही है’! टूटेगी संधि
स्वामी ने कहा है कि परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान को हम जवाब देंगे तो दुनिया से उसका नामोनिशान मिट जाएगा।
New Delhi, Sep 24 : जम्मू-कश्मीर के उड़ी में पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले के बाद भारत में इस तरह की मांग तेज होती जा रही है कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इस पड़ोसी को ऐसा सबक सिखाया जाए कि ये कभी दोबारा भारत की तरफ आंख उठा कर देखने की कोशिश ना करे। कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भी कोशिशें चल रही हैं, इस बीच बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि भारत को युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने इस सिलसिले में बहुत बड़ा बयान भी दे दिया है ये कहते हुए कि कि ‘लड़ाई शुरू हो गई है बस घोषणा नहीं हो रही है’।
उड़ी अटैक के बाद भारत की सैन्य ताकत से डरा पाकिस्तान लगातार परमाणु हमले की धमकी दे रहा है, लेकिन एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इसका भी जवाब दिया और कहा कि ऐसा सोचने वाले पाकिस्तान को दुनिया से अपनी हस्ती मिट जाने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हमले की क्षमता है उससे हो सकता है वो भारत के दस करोड़ लोगों की हत्या कर दे लेकिन फिर उसके बाद जब हम जवाब देंगे तो पाकिस्तान का नामोनिशान नहीं होगा। पाकिस्तान पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
उड़ी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रति भारत में उपजे गुस्से से ये मांग भी उठ रही है कि भारतीय जवानों को अब एक सिर के बदले दस सिर लाने चाहिए। भारतीय सेना के जवानों में भी भारी गुस्सा है और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि पाकिस्तान को सही जवाब दिया जाएगा लेकिन वक्त और तरीका हमारा होगा। इस एक सिर के बदले दस सिर लाने के मसले पर स्वामी ने कहा कि वो सिर और जान लेने की बात नहीं करेंगे लेकिन हमारा उद्देश्य पाकिस्तान के चार टुकड़े होना चाहिए। उन्होने कहा कि आने वाले दिनों में उनकी बात जरूर मानी जाएगी
पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को रद्द करने की भी मांग उठ रही है। इस बारे में पूछे गए सवाल पर स्वामी ने कहा संधियां सिर्फ दोस्तों के बीच होतीं हैं, हमने पहले कभी ऐसा कोई कदम नहीं उठाया, लेकिन इस बार निर्णायक युद्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आदत है कि वो समझौते करता है फिर तोड़ देता है, इसलिए नेहरू जो गलती करके गए हैं उसे सुधारने का वक्त है। अगर युद्ध की स्थिति आएगी तो सिंधु जल समझौते को रद्द कर देंगे।
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