कुछ तो होने को है! ऐसे ही कोई पीएम रोज़ वार रूम में नहीं जाता।
उरी आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर देश में गुस्सा उबल रहा है। अब सरकार ने भी अपने तेवर सख्त किए हैं। पीएम मोदी द्वारा लगातार की जा रही बैठकों के बीच खबर है कि 20 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो घंटे साउथ ब्लॉक में बने वॉर रूम में बिताए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह वॉर रूम साउथ ब्लॉक में पीएम ऑफिस के पास ही स्थित है और पीएम 20 सितंबर को इस रूम में गए थे जहां पीएम मोदी के साथ एनएसए अजित डोभाल, सेना प्रमुख दलबीर सुहाग, वायुसेना प्रमुख अरुण राहा, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा भी थे।
वॉर रूम वो जगह होती है जहां से सेना की सुरक्षा से जुड़ी हलचल पर नजर रखने के साथ ही युद्ध की स्थिति में यहीं जगह कंट्रोल रूम की तरह काम करती है। प्रधानमंत्री को इस वॉर रूम में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिखाया गया। पीएम के उनके सामने रेत से बने मॉडल रखे गए। ये म़ॉडल पाकिस्तान में बने आतंकी कैंप के थे। वॉर रूम में पीएम को ये बताया गया कि कैसे पाकिस्तान के आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया जा सकता है।
उरी हमले का सच छुपाने के लिए पाकिस्तान अब रोज ऩई-ऩई चालें चल रहा है। देश में बदले कि मांग जोर पकडते जा रही है। सरकार ने कोई फैसला तो नहीं लिया है लेकिन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने साफ कहा कि पीएम ने जो कहा है उसे हल्के में मत लीजिए। पीएम ने उरी हमले के बाद दोषियों को नहीं छोड़ने की बात कही थी।
पाकिस्तान को चारों तरफ से घेरने के लिए मोदी सरकार कूटनीतिक से लेकर सैन्य विकल्पों पर लगातार काम कर रही है।
पाकिस्तान पर आज मोदी ने केरल में भी कहा की वो "18 जवानों के बलिदान का बदला लेकर रहेंगे"
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